रॉयल्टी क्लीयरेंस विवाद: खनिज विभाग ने किया खंडन, लेकिन सबसे बड़ा सवाल बरकरार—आखिर भ्रामक सूचना फैलाने वाले का नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? क्या सिर्फ खंडन तक सीमित रहेगा मामला या होगी बड़ी कार्रवाई?