बारिश के बाद ठंड की दस्तक, और वार्ड क्र 11 के ज्योतिपुर एवं अन्य जगहों में ठंड के मौसम में गहराया जल संकट
गंगानगर से तहसील एकता नगर की मुख्य पाइपलाइन में जलापूर्ति बाधित, पार्षद ने कहा कर्मचारी कर रहे मनमानी
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद अब ठंड की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन नगर पालिका गौरेला के वार्ड क्रमांक 11 ज्योतिपुर में जल संकट की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार गंगानगर से तहसील एकता नगर तक जाने वाली मुख्य पाइपलाइन से वार्ड में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे वार्डवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कहीं लाइन में खराबी तो कहीं समय-सीमा का हवाला
जलापूर्ति को लेकर जब नल खोलने वाले कर्मचारियों रसीद खान और शकील खान से जानकारी ली गई तो अलग-अलग कारण बताए गए। एक ओर पाइपलाइन में खराबी होने की बात कही गई, वहीं दूसरी ओर जल प्रदाय विभाग द्वारा निर्धारित समय-सीमा के अनुसार पानी उपलब्ध कराने की बात सामने आई। इससे वार्डवासियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस पाइपलाइन से वार्ड क्रमांक 11 में जलापूर्ति प्रभावित बताई जा रही है, उसी से जुड़ी डायवर्टेड लाइन के माध्यम से एकता नगर और मधुबन कॉलोनी तहसील क्षेत्र में नियमित रूप से दोनों समय पानी की आपूर्ति किए जाने की बात सामने आ रही है। यह क्षेत्र ग्राम पंचायत सारबहरा के अंतर्गत आता है।
पार्षद ने कर्मचारियों पर लगाया मनमानी का आरोप
मामले को लेकर वार्ड पार्षद से बातचीत की गई तो उन्होंने नगरपालिका के कर्मचारियों पर उनकी बात नहीं सुनने और मनमाने तरीके से जलापूर्ति संचालित करने का आरोप लगाया। पार्षद का कहना है कि चुने हुए जनप्रतिनिधि की बात को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिसके कारण वार्डवासियों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
वहीं स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि कुछ स्थानों पर नल खोलने वाले कर्मचारियों को प्रत्येक घर के हिसाब से भत्ता निर्धारित होने के कारण जलापूर्ति व्यवस्था में असमानता हो सकती है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
CMO से संपर्क का प्रयास, नहीं मिला जवाब
मामले में नगर पालिका गौरेला के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार कई बार फोन लगाए जाने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं की गई। ऐसे में जल संकट को लेकर नगरपालिका प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ सका है।
वार्डवासियों का कहना है कि नगर पालिका क्षेत्र के लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराना नगरपालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी तकनीकी खराबी अथवा पाइपलाइन की समस्या के कारण जलापूर्ति बाधित है तो उसका तत्काल निराकरण किया जाना चाहिए।
उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने जिले के उच्च अधिकारियों से मामले में संज्ञान लेते हुए वार्ड क्रमांक 11 ज्योतिपुर की जलापूर्ति व्यवस्था की जांच कराने तथा नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
अब देखना होगा कि नगरपालिका प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और वार्डवासियों को जल संकट से कब तक राहत मिलती है।








