आईटीआई प्रवेशोत्सव का शुभारंभ: कलेक्टर विजय दयाराम के. बोले— कौशल, अनुशासन और नई सोच से गढ़ें अपना भविष्य
गौरेला, पेंड्रा और मरवाही आईटीआई के नवप्रवेशी प्रशिक्षणार्थियों का दो दिवसीय प्रवेशोत्सव शुरू, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण पर दिया गया जोर
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) गौरेला के नवीन प्रशिक्षण भवन में बुधवार को गौरेला, पेंड्रा और मरवाही आईटीआई के नवप्रवेशी प्रशिक्षणार्थियों के लिए दो दिवसीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में कलेक्टर विजय दयाराम के. ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण कौशल, अनुशासन और नई सोच ही सफलता की असली पहचान है।
कलेक्टर ने प्रशिक्षणार्थियों से अपने लक्ष्य पर पूरी निष्ठा के साथ काम करने, सकारात्मक व्यक्तित्व विकसित करने और शासन की विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से न केवल संस्था बल्कि पूरे जिले का नाम रोशनकरें।
‘नव कौशल पथ-नई राह-नया हुनर’ थीम पर आयोजित इस प्रवेशोत्सव का शुभारंभ नगरपालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे की उपस्थिति में भगवान विश्वकर्मा एवं छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में राजगीत “अरपा पैरी के धार…” का भी सामूहिक गायन हुआ।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे, डिप्टी कलेक्टर आकांक्षा पाण्डे, महंत विश्वहूदास उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के अधिष्ठाता डॉ. नारायण साहू, आईटीआई के प्राचार्य डी.एस. आर्मो, प्रशिक्षक तथा बड़ी संख्या में तीनों आईटीआई के नवप्रवेशी प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।

जानकारी के अनुसार, प्रवेश प्रक्रिया के चौथे चरण तक आईटीआई मरवाही में 112 में से 98, आईटीआई पेंड्रा में 136 में से 110 तथा आईटीआई गौरेला में 252 में से 247 सीटों पर प्रवेश पूर्ण हो चुका है, जिससे इस वर्ष प्रशिक्षणार्थियों में आईटीआई शिक्षा के प्रति अच्छा उत्साह देखने को मिल रहा है।









