सामुदायिक प्राकृतिक संसाधनों से आजीविका बढ़ाने पर GPM में कार्यशाला
लघु वनोपज, पर्यटन, महिला समूहों और स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा देने पर हुआ मंथन
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 9 सितंबर 2026। जिले में सामुदायिक प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और स्थानीय आजीविका के नए अवसर विकसित करने के उद्देश्य से बुधवार को अरपा सभा कक्ष में एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। जिला पंचायत के मार्गदर्शन में FES एवं नव निर्माण चेतना मंच द्वारा आयोजित कार्यशाला में कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. और जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

लघु वनोपज और महिला समूहों पर जोर
कार्यशाला में लघु वनोपज, सामुदायिक वन संसाधन, महिला स्व-सहायता समूह, जैव विविधता, पर्यटन और स्थानीय उद्यमों के माध्यम से रोजगार एवं आय के नए अवसर विकसित करने पर चर्चा हुई। CFRMC को मजबूत करने, ग्राम सभा की भागीदारी बढ़ाने और विभिन्न शासकीय योजनाओं के साथ अभिसरण पर भी जोर दिया गया।
समुदाय आधारित पर्यटन मॉडल विकसित करने पर जोर
कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने कहा कि पर्यटन का उद्देश्य केवल पर्यटकों को जिले में लाना नहीं, बल्कि ऐसा समुदाय आधारित पर्यटन मॉडल विकसित करना होना चाहिए, जिससे स्थानीय लोगों को सीधा आर्थिक लाभ मिले। पर्यटक जिले की आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक संपदा को करीब से समझ सकें, इस दिशा में कार्य किया जाना चाहिए।

स्थानीय उत्पादों के लिए “चार महोत्सव” का सुझाव
कलेक्टर ने स्थानीय उत्पादों एवं लघु वनोपज को बढ़ावा देने के लिए “चार महोत्सव” आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि विष्णुभोग को ODOP के तहत चयनित किया गया है और इसके विक्रय एवं प्रचार-प्रसार की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
युवाओं को जैव विविधता और पर्यटन से जोड़ने की पहल
कार्यशाला में युवाओं को जैव विविधता और पर्यटन से जोड़ने के लिए इको-टूरिज्म वॉक, समर स्कूल, Wisdom Walk और स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित उद्यमिता जैसे नवाचारों पर भी चर्चा हुई।
अंत में विभिन्न विभागों के समन्वय से प्राकृतिक संसाधनों, ग्राम सभा, महिला समूहों, युवाओं और स्थानीय संस्कृति को केंद्र में रखते हुए दीर्घकालिक स्थानीय विकास मॉडल तैयार करने पर सहमति बनी।








