गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा माधव राव सप्रे जिला प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी की जिलाध्यक्ष गजमती भानू और मरवाही के पूर्व विधायक डॉ. के.के. ध्रुव ने संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और बिजली दरों में भारी वृद्धि तथा स्मार्ट मीटर के विरोध में राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया। इस प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता गुलाब सिंह राज, अर्चना पोर्ते, ओमप्रकाश बंका, पुष्पराज सिंह, दयाराम वाकरे, पंकज केशवानी, शंकर कंवर सहित अन्य कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार के गठन के बाद से लगातार पांचवीं बार बिजली के दाम बढ़ाए गए हैं, जिसके तहत अब तक कुल 31.23 प्रतिशत की वृद्धि की जा चुकी है। घरेलू उपभोक्ताओं के दामों में 30 से 50 पैसे, गैर-घरेलू में 20 से 40 पैसे और कृषि पंपों की बिजली में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एमपीपीएस) जोड़े जाने से जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। नेताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से जबरन खपत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई जा रही है और बिना उपभोक्ताओं की सहमति के अनुबंध भार (कॉट्रैक्ट डिमांड) बढ़ाया जा रहा है, जिससे बिजली के बिल सामान्य से तीन से चार गुना अधिक आ रहे हैं।
इस तरह रहेगा आंदोलन का कार्यक्रम
1 अगस्त: सभी जिलों में प्रेस वार्ता आयोजित कर बिजली के बढ़े दामों और स्मार्ट मीटर के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
2 अगस्त से: कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर के विरोध में आवेदन और जनता से विरोध पत्र भरवाने का अभियान शुरू करेंगे, जो दो महीने तक चलेगा।
दो माह पश्चात: प्रदेश भर में एकत्रित किए गए इन फॉर्मों के साथ जिला बिजली दफ्तरों का घेराव किया जाएगा।
अंतिम चरण: दफ्तरों के घेराव के बाद प्राप्त पावती को आधार बनाते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री के निवास का घेराव किया जाएगा।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
बिजली के बढ़े हुए दाम तुरंत घटाए जाएं।
400 यूनिट तक की बिजली बिल हाफ़ योजना को फिर से लागू किया जाए।
उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी जनहित को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट मीटर को पूरी तरह वापस लिया जाए।








