ज्योतिपुर चौक बन रहा नशे और अपराध का गढ़? आए दिन मारपीट और धमकी की घटनाओं से बढ़ी चिंता
पुलिस प्रशासन के नाक के नीचे कथित तौर पर जारी गुंडई, जनसंपर्क विभाग के कर्मचारी से बेल्ट से मारपीट का आरोप; चार दिन पहले छात्रा से मारपीट की घटना भी आई थी सामने

गौरेला। गौरेला शहर का ज्योतिपुर चौक इन दिनों लगातार सामने आ रही मारपीट, धमकी और विवाद की घटनाओं को लेकर चर्चा में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चौक और इसके आसपास नशे तथा असामाजिक गतिविधियों को लेकर लंबे समय से चिंता बनी हुई है। बीते कुछ दिनों में सामने आई घटनाओं ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हाल ही में कलेक्टर कार्यालय की जनसंपर्क शाखा में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत कर्मचारी मोहम्मद इशराक जहांगीरी के साथ ज्योतिपुर तिराहे के पास मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि मोटरसाइकिल के साइलेंसर की आवाज को लेकर हुए विवाद के बाद दो युवकों ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। इस दौरान बेल्ट से पीठ और चेहरे पर हमला करने तथा जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
साइलेंसर की आवाज को लेकर शुरू हुआ विवाद
पीड़ित के मुताबिक, वह रात करीब 9:30 बजे कलेक्टर कार्यालय की जनसंपर्क शाखा में अपना काम खत्म करने के बाद मोटरसाइकिल से ग्राम टीकरकला स्थित अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान ज्योतिपुर तिराहे के पास उसकी मुलाकात निहाल भरिया और उसके एक साथी से हुई।

बताया गया कि मोटरसाइकिल के साइलेंसर की तेज आवाज को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि देखते ही देखते दोनों युवकों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और विवाद मारपीट में बदल गया।
बेल्ट और हाथ-मुक्कों से हमला करने का आरोप
शिकायत के अनुसार, निहाल भरिया ने बेल्ट से कर्मचारी के साथ मारपीट की, जबकि उसके साथी ने हाथ-मुक्कों से हमला किया। मारपीट में पीड़ित की पीठ और बाएं गाल में चोट आने की बात कही गई है।
घटना के दौरान मौके पर मौजूद आकाश तिवारी ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। पीड़ित ने घटना की शिकायत गौरेला पुलिस से की।
पुलिस ने दर्ज किया अपराध
पीड़ित की शिकायत के आधार पर गौरेला पुलिस ने निहाल भरिया और उसके एक अन्य साथी के खिलाफ BNS की धारा 115(2), 296, 3(5) और 351(3) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
चार दिन पहले छात्रा से मारपीट की घटना ने भी बढ़ाई चिंता
ज्योतिपुर चौक को लेकर चिंता की एक वजह यह भी है कि इसी क्षेत्र में करीब चार दिन पहले एक छात्रा से मारपीट की घटना सामने आई थी। आरोप है कि चलती बाइक से युवकों ने छात्रा के साथ डंडे से मारपीट की थी।

कम समय के अंतराल में सामने आई इन घटनाओं के बाद क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम और रात के समय चौक तथा आसपास के इलाकों में पुलिस की नियमित मौजूदगी और गश्त बढ़ाई जानी चाहिए।
नशे और असामाजिक गतिविधियों पर कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों के बीच ज्योतिपुर चौक पर नशे और असामाजिक गतिविधियों को लेकर भी चर्चा है। लोगों का कहना है कि यदि सार्वजनिक स्थानों पर नशे और हुड़दंग जैसी गतिविधियों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाए तो विवाद और मारपीट की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।

लोगों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और नशे के खिलाफ कार्रवाई बढ़ाने की मांग की है।
पुलिस की मौजूदगी के बावजूद घटनाएं, उठ रहे सवाल
ज्योतिपुर चौक शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल है और यहां दिन-रात लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे स्थान पर लगातार मारपीट और धमकी की घटनाएं सामने आने से पुलिस की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन को घटनाओं के बाद कार्रवाई करने के साथ-साथ ऐसे स्थानों को चिन्हित कर प्रिवेंटिव पुलिसिंग पर भी जोर देना चाहिए, ताकि विवाद की स्थिति बनने से पहले ही उसे रोका जा सके।
हालांकि, पुलिस द्वारा दर्ज मामले में आरोपों की जांच की जा रही है और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल ज्योतिपुर चौक पर बढ़ती घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।








