26 साल पहले मृत महिला के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री का आरोप… शिकायत के बाद भी अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं, विश्व आदिवासी दिवस के बाद आंदोलन के संकेत।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: जिले में मृत आदिवासी महिला के नाम पर कथित फर्जी पहचान बनाकर जमीन की रजिस्ट्री कराने का मामला अब प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। शिकायत को कई दिन बीत चुके हैं, पुलिस जांच जारी है, लेकिन अब तक किसी प्रकार की बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है। इस बीच मामला अब एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकारों का विषय बन चुका है।
शिकायतकर्ता रामवतार गोंड ने आरोप लगाया है कि उनकी मां नरबदिया बाई, जिनका वर्ष 1996 में निधन हो चुका था, उनके नाम और पहचान का उपयोग कर वर्ष 2026 में जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई। शिकायत के अनुसार, फर्जी पहचान और दस्तावेजों के आधार पर पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। मामले की लिखित शिकायत गौरेला थाना और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में की जा चुकी है।
जांच जारी… लेकिन कार्रवाई का इंतजार
पुलिस फिलहाल दस्तावेजों की जांच कर रही है। हालांकि अभी तक किसी के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है। ऐसे में अब लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप गंभीर हैं, तो जांच की रफ्तार इतनी धीमी क्यों दिखाई दे रही है।
सूरजपुर में बड़ी कार्रवाई… GPM में इंतजार क्यों?
हाल ही में सूरजपुर जिले में जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में प्रशासन और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाए थे। अब गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में भी चर्चा यही है कि यदि यहां भी जांच में समान प्रकृति के तथ्य सामने आते हैं, तो क्या उसी स्तर की कार्रवाई देखने को मिलेगी, या यह मामला भी लंबी जांच की फाइलों में दबकर रह जाएगा?
अब मैदान में उतरेगा सर्व आदिवासी समाज
सूत्रों के अनुसार, विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम के बाद सर्व आदिवासी समाज इस मामले को लेकर बैठक कर सकता है। समाज प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई तथा पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर सकता है। इससे मामले को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

सबसे बड़ा सवाल…
क्या मृत व्यक्ति के नाम पर कथित जमीन रजिस्ट्री जैसे गंभीर आरोपों पर भी कार्रवाई के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा? या फिर जांच पूरी होते ही जिम्मेदार लोगों पर कानून का शिकंजा कसेगा?
अब पूरे जिले की निगाह पुलिस जांच और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।








