गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ, 540 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 540 खिलाड़ी शामिल हुए हैं। चार अलग-अलग खेल विधाओं में आयोजित इस प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू विशेष रूप से शामिल हुए और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

मीडिया से चर्चा करते हुए कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन जिले के लिए अच्छा अवसर है। उन्होंने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से जिले में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में शामिल होते रहे हैं। इनमें फुगड़ी और बास्केटबॉल सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम के बावजूद शिक्षा विभाग और खेल विभाग द्वारा प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं। विधायक ने इस दौरान ‘वंदे मातरम’ को लेकर चल रहे विवाद पर भी अपनी बात रखी।

वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के आयोजन को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के लिए गौरव और सौभाग्य बताया। उन्होंने कहा कि पेंड्रा की धरती पर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से 540 बच्चे पहुंचे हैं और चार विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।

तोखन साहू ने प्रधानमंत्री के खेल संबंधी संदेश का उल्लेख करते हुए खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि खेल में खिलाड़ी या तो सीखता है या जीतता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से पूरी खेल भावना और अनुशासन के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का आह्वान किया।
सांस्कृतिक मंच के लिए 15 लाख रुपये की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने सांसद निधि से 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। वहीं कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। दोनों जनप्रतिनिधियों की घोषणाओं के बाद कुल 15 लाख रुपये की लागत से सांस्कृतिक मंच के निर्माण का रास्ता साफ हुआ।
सांस्कृतिक मंच के निर्माण से जिले में भविष्य में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शालेय आयोजनों और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के शुभारंभ के साथ ही जिले में खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।








